WAQT NAHI – Best Motivational Poetry in Hindi

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waqt nahi

हर खुशी है लोगे के दामन में,
पर एक हसी के लिए वक़्त नहीं।

दिन रात दौड़ती दुनिया में,
ज़िन्दगी के लिए ही वक़्त नहीं।

आँखो में है नींद बड़ी,
पर सोने के लिए वक़्त नहीं।

पैसो के दौड़ में ऐसे दौड़े,
की थकने का भी वक़्त नहीं।

माँ की लोरी का एहसास तो है,
पर माँ को माँ कहने का वक़्त नहीं।

अब गैरो की क्या बात करे,
जब अपनों के लिए ही वक़्त नहीं।

सारे रिश्तो को तो हम मार चुके,
अब उन्हें दफ़नाने का भी वक़्त नहीं।

सारे नाम मोबाइल में है,
पर दोस्ती के लिए वक़्त नहीं।

दिल है गमो से भरा हुआ,
पर रोने का भी वक़्त नहीं।

मोहब्बत भी उनसे हुई,
जिनको हमारे लिए ही वक़्त नहीं।

पराये एहसासो की क्या कद्र करे,
जब अपने सपनो के लिए ही वक़्त नहीं।

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